Monday, November 11, 2019

राजस्थान से कुमार तनसुख की रचना- मन मंदिर के राम

कुमार तनसुख
श्रीमाधोपुर , राजस्थान
सम्पर्क 9351212400
शीर्षक:- मन मन्दिर के राम


हुआ न्याय पंहुचे निज धाम
हर इक मन मंदिर के राम ।
सकल हिन्दजन व्यथित जटायु
गले लगा अब दो आराम ।।

सब ही भूमि तेरी हे राम
तुम हो अवधपति सुखधधाम
अवधवासी है भरत जी व्याकुल
राज संभालो  दो विश्राम  ।।
ना कोई जीता ना कोई हारा
संविधान का है सम्मान 
जीत न्याय की हुई सदा ही
भारत की है ये पहचान  ।।
पक्षकार भी मान चुके है
हम सब है तेरी आवाम ।
देश में सच अब राम राज है
हिलमिल रहे सब पंत तमाम ।।
                      कुमार तनसुख

30 comments:

  1. बहुत खूब

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  2. सबको सन्मति दे भगवान...
    सबमें राम बना रहे।

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  3. Atisundar sir, prakash Chand Yadav nagarpalika

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    1. धन्यवाद प्रकाश भाई

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  4. बहुत सुंदर प्रयास

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  5. सरस, सरल ,भारतीय संस्कृति के अनुरूप।

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