कवि -चेतन सिंह
शीर्षक - *मन की उपमा*
राज्य - कसडोल , बलौदाबाजार ( छ ग)
शीर्षक - *मन की उपमा*
राज्य - कसडोल , बलौदाबाजार ( छ ग)
मन मंदिर है ,यदि किसी की प्रतिमा सजी हो !
मन दर्पण है , यदि किसी की सूरत बसी हो !!
मन दर्पण है , यदि किसी की सूरत बसी हो !!
मन कवि है , यदि सुदृढ़ कल्पना शक्ति हो !
मन भगत है , यदि मीरा सी नीरा भक्ति हो !!
मन भगत है , यदि मीरा सी नीरा भक्ति हो !!
मन सागर है, यदि लहर - सी हलचल हो !
मन दिल है , यदि धडकन पल -पल हो !!
मन दिल है , यदि धडकन पल -पल हो !!
दिल की बात है कहना , तो मन मित्र है !
चुप यदि है रहना ,तो मन विचित्र है !!
चुप यदि है रहना ,तो मन विचित्र है !!
मन भाई है ,यदि रक्षाबंधन हो !
मन पवित्र है , यदि चरित्र चंदन हो !!
मन पवित्र है , यदि चरित्र चंदन हो !!
यदि निभा सकते हैं , तो मन नाता है ।
यदि पूज सकते हैं ,तो मन माता है !!
यदि पूज सकते हैं ,तो मन माता है !!
जाना है मंजिल तो , मन प्रकाश है !
पाना है साहिल तो , मन स्वच्छ आकाश है !!
पाना है साहिल तो , मन स्वच्छ आकाश है !!
मन सावन है ,यदि नयन बरसे !
मन साजन है ,यदि दूर हो प्रियतम नजर से !!
मन साजन है ,यदि दूर हो प्रियतम नजर से !!
मन स्वप्न है , यदि मीठी निंदिया हो !
मन सच्चा देशभक्त है , यदि स्वदेश इंडिया हो !!
मन सच्चा देशभक्त है , यदि स्वदेश इंडिया हो !!

👍👍1no Bhaiya ji
ReplyDeleteधन्यवाद !!
DeleteWell done fufa ji
ReplyDeleteधन्यवाद अतुल !!
DeleteVery nice chetan ji
ReplyDeleteThanks
Deleteबहुत ही अच्छी रचना
ReplyDeleteधन्यवाद सर जी !
DeleteSuper
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
Deleteबहुत बहुत बधाई सर जी, कवि हृदय आप में है जिसे हमें अब पता चला है।
ReplyDeleteलिखने की आदत तो स्कूल जीवन से है , लेकिन कुछ समय के लिए लेखनी को आराम दे दिया था । उक्त ब्लॉग मे रचनाएं पढकर पुनः लेखन में प्रयास कर रहा हूँ ।
Deleteआपका धन्यवाद महोदय !!
Mast hai Bhaiya g
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय!!
ReplyDeleteबहुत ही सुंदर रचना चेतन जी
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteसादर आभार महोदय जी !!
ReplyDeleteBhut achcha h bhaiya
ReplyDeleteBahut sunder kavita
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