नाम - सुभाष सैनी "सृजन"
राज्य - राजस्थान
शीर्षक - " पुरुष "
संपर्क सूत्र - 9001019002
...................पुरुष...................
पूर्व जन्म के कर्म हमारे
सकल संचित हो जाते हैं
' सृजन ' नियंता से पंचभूत तत्वा,
पुरुष जन्म हम पाते हैं।।
पाकर जन्म इस पुण्य धरा पर ,
सतत् संघर्षी बन जाना है ।
जग के कोने कोने में अब,
कर्म - सौरभ फैलाना है ।।
पुरुष है पुरूषार्थ करना है ,
शास्त्र हित शास्त्रार्थ करना है ।
शोर्य पराक्रम आत्मसात कर,
धर्म रक्षार्थ प्रतिघात करना है ।
जाति - धर्म का भेद मिटाकर ,
जो कलाम - सा बन जाता है।
मीरां की वाणी से भी पावन ,
वह श्रेष्ठ पुरुष कहलाता है
सर्वाधिकार सुरक्षित - मौलिक रचना
सुभाष सैनी " सृजन "
राज्य - राजस्थान
शीर्षक - " पुरुष "
संपर्क सूत्र - 9001019002
...................पुरुष...................
पूर्व जन्म के कर्म हमारे
सकल संचित हो जाते हैं
' सृजन ' नियंता से पंचभूत तत्वा,
पुरुष जन्म हम पाते हैं।।
पाकर जन्म इस पुण्य धरा पर ,
सतत् संघर्षी बन जाना है ।
जग के कोने कोने में अब,
कर्म - सौरभ फैलाना है ।।
पुरुष है पुरूषार्थ करना है ,
शास्त्र हित शास्त्रार्थ करना है ।
शोर्य पराक्रम आत्मसात कर,
धर्म रक्षार्थ प्रतिघात करना है ।
जाति - धर्म का भेद मिटाकर ,
जो कलाम - सा बन जाता है।
मीरां की वाणी से भी पावन ,
वह श्रेष्ठ पुरुष कहलाता है
सर्वाधिकार सुरक्षित - मौलिक रचना
सुभाष सैनी " सृजन "

अच्छी रचना की बधाई
ReplyDeleteअच्छी रचना की बधाई
ReplyDelete👏👏👏👏👏
ReplyDeleteCongratulations
ReplyDeleteNice rachna
ReplyDeleteNice guruji
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका
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