Monday, November 4, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि गजेन्द्र हरिहारनो " दीप " की रचना- उजाले का पर्याय


कवि :- गजेन्द्र हरिहारनो " दीप "
शीर्षक :- उजाले का पर्याय
राज्य :- छत्तीसगढ़
सम्पर्क :- 89622 39082

      उजाले का पर्याय
जड़ - चेतन के जीवन का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
प्राची की लाली निस दिन 
     देती हमको संदेश यही
खुशियाँ दमके हर चेहरे पर
     सुबह का संकेत यही
बच्चों की भोली मुस्कानों का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
खग - वृन्दो का प्यारा कलरव
    जीवन में रस घोल रही
प्यार मुहब्बत खुशियाँ बाँटे
    हम सबसे यह बोल रही
विकसित होती आशाओं का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
कल - कल करती नदियाँ हमको
      जीने की राह बताती है
बाधाओं को हँसकर झेलें
     हमको यह सिखलाती है
सुखमय जीवन जीने का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
रौशन - रौशन हर चेहरा हो
    खिला - खिला हो सबका मन
खुशियाँ बरसे नित - नित नूतन
     हरा - भरा हो सारा उपवन
"दीप " के पूरे जीवन का हमराज़ उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ......
   -------- 0 -----------
        कवि
      गजेन्द्र हरिहारनो " दीप  "
          डोंगरगाँव

64 comments:

  1. आस्था के दीप, खुशियों के दीप...
    उजाले के पर्याय "दीप"...!
    आशावादी कविता के लिए अनेकानेक बधाई...👏

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  2. आस्था के दीप, खुशियों के दीप...
    उजाले का पर्याय "दीप"...!
    आशावादी कविता के लिए अनेकानेक बधाई...👏

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  3. बहुत सुन्दर रचना

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  4. This comment has been removed by the author.

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  5. Bhot hi bdhiya papaji..����

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  6. वाह....क्या बात है.... बहुत खूब

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  7. वाह! वाह!... क्या बात है!
    Papaji ��

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  8. बहुत खूबसूरत

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  9. बहुत सुन्दर कविता सरजी

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  10. Awesome poem sir

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  11. Mast poem hai uncle ji

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  12. कर्मठ है नियमित जीवन की
    आदत जिसने पाला है
    पेशे से गुरू कवि हरिहारनों जी का
    चिंतन व्यवसाय उजाला है।

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  13. सभी सुधि पाठको को साधुवाद

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  14. बहुत सुंदर प्रेरणादायक कविता

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  15. Bahut Sundar rachna...

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  16. Bahot sundar uncle mja aagya

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  17. Fabulous one...��

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  18. आप सभी के पाठक हृदय को नमन

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  19. Bahut hi Sundar Rachna Uncle ji ��

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  20. " दीप " विकसित होती आशाओं का पर्याय उजाला है

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  21. Aapki Kavita Dil ko chhuuu jati h sir...����

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  22. Behtarin...����

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  23. आप सभी सुधि पाठको को हार्दिक साधुवाद

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  24. कैसे तारीफ करें
    समझ नहीं आता
    शब्दों की महफिल में
    आपकी तारीफ लायक
    कोई शब्द नजर नहीं आता।
    Apratim Sir

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  25. बहुत बढ़िया आदरणीय।

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