कवि :- गजेन्द्र हरिहारनो " दीप "
शीर्षक :- उजाले का पर्याय
राज्य :- छत्तीसगढ़
सम्पर्क :- 89622 39082
शीर्षक :- उजाले का पर्याय
राज्य :- छत्तीसगढ़
सम्पर्क :- 89622 39082
उजाले का पर्याय
जड़ - चेतन के जीवन का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
प्राची की लाली निस दिन
देती हमको संदेश यही
खुशियाँ दमके हर चेहरे पर
सुबह का संकेत यही
बच्चों की भोली मुस्कानों का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
खग - वृन्दो का प्यारा कलरव
जीवन में रस घोल रही
प्यार मुहब्बत खुशियाँ बाँटे
हम सबसे यह बोल रही
विकसित होती आशाओं का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
कल - कल करती नदियाँ हमको
जीने की राह बताती है
बाधाओं को हँसकर झेलें
हमको यह सिखलाती है
सुखमय जीवन जीने का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
रौशन - रौशन हर चेहरा हो
खिला - खिला हो सबका मन
खुशियाँ बरसे नित - नित नूतन
हरा - भरा हो सारा उपवन
"दीप " के पूरे जीवन का हमराज़ उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ......
-------- 0 -----------
कवि
गजेन्द्र हरिहारनो " दीप "
डोंगरगाँव
जड़ - चेतन के जीवन का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
प्राची की लाली निस दिन
देती हमको संदेश यही
खुशियाँ दमके हर चेहरे पर
सुबह का संकेत यही
बच्चों की भोली मुस्कानों का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
खग - वृन्दो का प्यारा कलरव
जीवन में रस घोल रही
प्यार मुहब्बत खुशियाँ बाँटे
हम सबसे यह बोल रही
विकसित होती आशाओं का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का .......
कल - कल करती नदियाँ हमको
जीने की राह बताती है
बाधाओं को हँसकर झेलें
हमको यह सिखलाती है
सुखमय जीवन जीने का पर्याय उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ........
रौशन - रौशन हर चेहरा हो
खिला - खिला हो सबका मन
खुशियाँ बरसे नित - नित नूतन
हरा - भरा हो सारा उपवन
"दीप " के पूरे जीवन का हमराज़ उजाला है
जिससे हम सब सीखें वो अध्याय उजाला है
जड़ - चेतन के जीवन का ......
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कवि
गजेन्द्र हरिहारनो " दीप "
डोंगरगाँव

आस्था के दीप, खुशियों के दीप...
ReplyDeleteउजाले के पर्याय "दीप"...!
आशावादी कविता के लिए अनेकानेक बधाई...👏
आस्था के दीप, खुशियों के दीप...
ReplyDeleteउजाले का पर्याय "दीप"...!
आशावादी कविता के लिए अनेकानेक बधाई...👏
ReplyDelete
बहुत सुन्दर रचना
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteBeautiful poem....papaji🤗🤗
ReplyDeleteAti sundar
ReplyDeleteBhot hi bdhiya papaji..����
ReplyDeleteAdbhut..
ReplyDeleteAwsmmm poem
ReplyDeleteNice❤️��
ReplyDeleteAwesome poem
ReplyDeleteवाह....क्या बात है.... बहुत खूब
ReplyDeleteAwesome uncle ✍✍🤩
ReplyDeleteवाह! वाह!... क्या बात है!
ReplyDeletePapaji ��
Shandaar uncle ji...
ReplyDeleteबहुत खूबसूरत
ReplyDeleteWowwwwwwww😍😍😍😍
ReplyDeleteबहुत सुन्दर कविता सरजी
ReplyDeleteVery nice uncle💙
ReplyDeletebhut sundar uncle ����
ReplyDeleteBeautiful 😍
ReplyDeleteBeautiful lines sir jiii
ReplyDeleteAwesome poem sir
ReplyDeleteBeautiful
ReplyDeleteMast poem hai uncle ji
ReplyDeleteकर्मठ है नियमित जीवन की
ReplyDeleteआदत जिसने पाला है
पेशे से गुरू कवि हरिहारनों जी का
चिंतन व्यवसाय उजाला है।
Nice poem..
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteVaah vahh
ReplyDeleteBhut khub
ReplyDeleteBhut bdiya
ReplyDelete🖤🖤
ReplyDeleteAtbhut 😅😅
ReplyDelete😍😍😍😍😍😍😍
ReplyDeleteअदभुद
ReplyDelete👌👌👌
ReplyDeleteसभी सुधि पाठको को साधुवाद
ReplyDeleteबहुत सुंदर प्रेरणादायक कविता
ReplyDeleteNice 👌👌
ReplyDeleteBahut Sundar rachna...
ReplyDeleteNice poem Uncle
ReplyDelete👌👌👌👌🙏
ReplyDeleteBahot sundar uncle mja aagya
ReplyDeleteFabulous one...��
ReplyDeleteEk no.
ReplyDeleteLovely lines...
ReplyDeleteEk no. Sir
ReplyDeleteआप सभी के पाठक हृदय को नमन
ReplyDeleteNice poem
ReplyDeleteNice poem guru dev🙏🙏🙏
ReplyDeleteNice poem uncle ji
ReplyDeleteBahut hi Sundar Rachna Uncle ji ��
ReplyDelete" दीप " विकसित होती आशाओं का पर्याय उजाला है
ReplyDeleteAapki Kavita Dil ko chhuuu jati h sir...����
ReplyDeleteLoved it...❤️
ReplyDeleteAtiii Sundar....
ReplyDeleteBehtarin...����
ReplyDeleteआप सभी सुधि पाठको को हार्दिक साधुवाद
ReplyDeleteकैसे तारीफ करें
ReplyDeleteसमझ नहीं आता
शब्दों की महफिल में
आपकी तारीफ लायक
कोई शब्द नजर नहीं आता।
Apratim Sir
Awesome
ReplyDeleteBahut khub👌👌
ReplyDeleteNice poem
ReplyDeleteNice poem
ReplyDeleteबहुत बढ़िया आदरणीय।
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