कवि - चेतन सिंह
शीर्षक - *माँ , तू हर जगह है !!*
राज्य - कसडोल (छ ग )
संपर्क - 9202507146
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शीर्षक - *माँ , तू हर जगह है !!*
राज्य - कसडोल (छ ग )
संपर्क - 9202507146
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धान की बाली में ,
सुबह की लाली में !
फूलों की खुशबू में ,
भोजन की थाली में !! माँ, तू हर जगह है ।।
सुबह की लाली में !
फूलों की खुशबू में ,
भोजन की थाली में !! माँ, तू हर जगह है ।।
खेतों में , खलिहानों में,
मस्जिद की अजानों में !
मंदिरों की प्रार्थना में ,
देश भक्त दीवानों में !! माँ, तू हर जगह है ।।
मस्जिद की अजानों में !
मंदिरों की प्रार्थना में ,
देश भक्त दीवानों में !! माँ, तू हर जगह है ।।
बच्चों की हँसी - ठिठोली में ,
शिशु की तुतलाती बोली में !
घोडे में सवार बेटे की बारात में,
विदा होती कन्या की डोली में !! माँ, तू हर जगह है ।।
शिशु की तुतलाती बोली में !
घोडे में सवार बेटे की बारात में,
विदा होती कन्या की डोली में !! माँ, तू हर जगह है ।।
हाथों की लकीरों में ,
भगवान की तश्वीरों में !
कूडों में गुम बचपन में,
चकाचौंध में मस्त अमीरों में !! माँ, तू हर जगह है ।।
भगवान की तश्वीरों में !
कूडों में गुम बचपन में,
चकाचौंध में मस्त अमीरों में !! माँ, तू हर जगह है ।।
___________________________ चेतन सिंह

1no वाकई में सही कहा भईया
ReplyDeleteमां हर जगह होती है
आभार आपका !
ReplyDeleteBilkul sahi h maa hmesha hr jagh hoti h har problem me solution deti h
ReplyDeleteआभार , धन्यवाद !
DeleteNice poem sir
ReplyDeleteधन्यवाद महोदय !!
Deleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteधन्यवाद!
Deleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteधन्यवाद !!
DeleteBahut sunder bhai
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