मेरी कविता, मेरा ट्रेंड
कवयित्री-रीतु देवी"प्रज्ञा"
राज्य:-बिहार
शीर्षक:-आदत
सुबह उठ ईश ध्यान करूँ,
मात-पिता,गुरू,श्रेष्ठजन चरण नमन करूँ।
सूर्य सा खिला रहूँ,
सब होठ मुस्कान लाऊँ,
सर्व उर खिलाऊँ प्रेम पुष्प,
अंधियारा हरूँ,जलाऊँ सहस्त्रों दीप।
ज्ञान की बहाकर धारा,
हर लूँ जन -जन अज्ञानता सारा
खुशियों की नित्य खोलती पिटारा,
मेहनत का बीज बोकर बनाती सहारा।
असहायों वास्ते करती कोशिश रहने खड़ा,
ईमान बना कुंजी रहती अड़ी हरपल जरा।
रीतु देवी "प्रज्ञा "
दरभंगा, बिहार
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