Wednesday, November 6, 2019

छत्तीसगढ़ से सीमा साहू की रचना- मोबाईल की बीमारी

सीमा साहू
छत्तीसगढ़
मो नं
शीर्षक-मोबाईल की बीमारी



चारों ओर महामारी , मोबाइल की बीमारी
सोने से पहले, उठने के बाद  बस
रातों की नींद हराम दिन भर
उंगलियों से काम ,मां बाप
बच्चों से परेशान।।
नारी भी मोबाइल की प्यारी है
रंग बिरंगी साड़ी पहनकर ए मतवाली है, ए भी मोबाइल की
बीमारी से पीड़ित हैं।।
बेटियां के कया गुण गाए
वह भी हेयरस्टाइल की दिवानी
फेसबुक,टिक टाक में फेमस
दिन भर कमैंट की कतार
यही मोबाइल हैं उसके
जीवन का आधार
हे प्रभु !मेरा कर दो उद्दार
इन माहामारी रूपी मोबाइल से
बेटा भी कम नहीं हैं जनाब
दिन भर मोबाइल का चढ़ा है
उसके ऊपर चढ़ा है सैलाब
छत पर चढ़कर फोटो खिंचवाने
का महामारी रुपी मोबाइल का
पति देव को खाने -पीने का होश नहीं
बस दोस्तों के साथ हसते मुस्कराते हैं
पति देव कुछ पल परिवार के लिए
समय नहीं दे पाते हैं
हाय ये मोबाइल तू कलयुग में क्यों आईं ,महामारी मोबाइल।।
अब न रही रिस्तो में प्यार
बस टकरार अब क्या करें यार
लगता है जीवन बेकार ,अब
जीवन भर झेलों मोबाइल
की मार अब कौन करेगा साकार
रिस्तो को महामारी मोबाइल
को कौन थामें गा कौन बचाएगा
महामारी से?

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