Wednesday, November 6, 2019

राजस्थान से पवन गौतम बमूलिया बृजराही की ग़ज़ल- रंग बदलते देखा

रचनाकार का नाम-
पवन गौतम बमूलिया बृजराही
राज्य -राजस्थान
सम्पर्क-9116488506
विधा-ग़ज़ल
विषय- रंग बदलते देखा
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(ग़ज़ल)
(ऐसे रंग बदलते देखा)
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जिनको जीवन जीना आया उनको ढंग
बदलते देखा।
गिरगिट भी शरमा जाता हो ऐसे रंग
बदलते देखा।
दादा जी की ढोलक पेटी राजो रियाज़
किया करते थे..
सजी हुई महफ़िल में क़ातिल तबला चंग
बदलते देखा।
बीच राह गफलत में जिनको हाथ
पकड़ चलना सिखलाया..
बढ़ते हुए कारवाँ मंजिल साथी संग
बदलते देखा।
अब्बा कुट्टी रूठ मनाई प्रेम भरी मीठी
सी झड़पें..
हत्या चोरी दहशत गर्दी बम में जंग
बदलते देखा।
असली ओ नकली चेहरों की पहले
बस दो ही रंगत थी..
गौतम फेशन की दुनिया मे हर इक अंग
बदलते देखा।
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पवन गौतम बृजराही बमूलिया

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