Monday, November 4, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि उत्तम साहू की रचना- बेटियाँ

कवि का नाम - उत्तम साहू
पता- कोंडागांव (छत्तीसगढ़)
शीर्षक-" बेटियाँ "

हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ, माँ के ख्वाबों की साज होती है बेटियाँ।।
किसी बेटी की युं इज्जत ना उछालो तुम,
किसी बेटी पर गंदी नजर ना डालो तुम,
ना आइटम, ना माल, ना सामान होती है बेटियाँ,
हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ।।1।।
किसी मासुम पर युँ तेजाब ना डालो तुम,
नन्हीं सी जान को युँ कोख में ना मारो तुम,
जन्मदात्री, सृजनकर्ता, पालनहार होती है बेटियाँ,
हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ।। 2।।
बेटियों के बिना सुना यह संसार है,
ये अगर ना हो तो क्या खुशी क्या त्यौहार है,
इनके बिना ना कोई आ पाया और ना कोई लाने को तैयार है,
पिता का प्यार, माँ का दुलार होती है बेटियाँ,
हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ।। 3।।
नन्हीं चिड़ियों की तरह कोने-कोने में चहचहाती है बेटियाँ,
अपने कर्मों से घर को स्वर्ग बनाती है बेटियाँ,
वैसे तो ये फूल सी नाजुक होती है पर ,
बात अगर आबरू की हो तो रणचंडी, काली बन जाती है बेटियाँ,
हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ।। 4।।
दुनिया के हर दर्द को एक मुस्कान से हरा देती है बेटियाँ,
पिता के हर विपत्ति में ढाल बन जाती है बेटियाँ,
हर समस्या का समाधान बन जाती है बेटियाँ,
पिता का मान, सम्मान, दिलों का अरमान होती है बेटियाँ,
हर पिता के सर की ताज होती है बेटियाँ।। 5।।
                     .......उत्तम साहू

2 comments:

  1. अत्यंत सुंदर रचना, प्रेरणादायक

    ReplyDelete
  2. jo bat hoti hai sab ke dilo me, par kahta koi nahi hai
    aaj jo tune likha o kabile tarif hai....................
    in sabhi bato me 1 number pe hoti hai betiya.....


    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...