Saturday, November 2, 2019

छत्तीसगढ़ से कवयित्री सीमा साहू की रचना- छत्तीसगढ़ के पावन माटी ल नमन


सीमा साहू
छत्तीसगढ़
मो नं 
शीर्षक_छत्तीसगढ़ के पावन माटी ल नमन


छत्तीसगढ़ के पावन माटी ला नमन
किसनहा के श्रम साधना ला नमन
 धान के बाली, सरसों कारी ला नमन
लइका के भंवरा बांटी,सुग्घर साथी लिए नमन
खन खन बाजे घंटी,शिव नंदी ला नमन
धरती दाई के कोरा जीवन दायिनी मां ला नमन
सुआ, पंथी,कर्मा,गौरा ग़ौरी ला नमन
बिहनिया के सूरज, तुलसी दाई ला नमन
कोयल,मिट्टू,चिरई के चिव चिव
किलकारी ला नमन
संगी जहुरिया तीजा -पोरा देवारी
ला नमन
भाई दूज भाई बहन के दुलार ला नमन
छत्तीसगढ़ के बारह मासी तिहार ला नमन
अरपा पैरी सोढूंर शिवनाथ के धारा ला नमन
राजीम के तीरथ धाम,संत के धाम
ला नमन
छत्तीसगढ़ के गुरतुर गोठ ला नमन
दाई के हाथ के चिला चौसेला
ठेठरी खुरमी के स्वाद ला नमन
छत्तीसगढ़ के संस्कृति संस्कार ला नमन
 छत्तीसगढ़ के पावन माटी ला नमन
किसनहा के श्रम साधना ला नमन

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