Wednesday, November 20, 2019

छत्तीसगढ़ से मीरा आर्ची चौहान की रचना- विश्वास


कवयित्री का नाम-मीरा आर्ची    चौहान
राज्य-छत्तीसगढ़
शीर्षक-विश्वास


सोची थी तोड़ लाऊंगी
आसमानी अंबर से
एक सितारा।
जगमगा उठेगा
उपवन हमारा
बगिया में मुस्कुराते
खिलेंगे ढ़ेरों गुलाब।
  किंतु क्षमा करना।
प्रियतम ऐसा नहीं
कर पाई मैं।
बहुत से नन्हें
सितारों को जब
देखी भटकते हुए
पसीज गया मन
भूल गए मैं
आसमान को
निहारना।
जुट गई उन
सितारों को
इसी धरती पर
टांकने में।
सहेजने लगी उनके
बिखरते सपनों को।
आओ हम मिलकर
जलाएं विश्वास का
एक दीप
जिसकी से चमक
रोशन होंगे वे
नन्हें सितारे
और चमक उठेंगे
जुगनू की तरह
इसी धरा पर।
       मीरा आर्ची चौहान
         कांकेर

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