नाम :- गणपति सिंह
राज्य:- बिहार
विधा:- कविता(भोजपुरी)
शीर्षक:- पाई पाई
राज्य:- बिहार
विधा:- कविता(भोजपुरी)
शीर्षक:- पाई पाई
पाई पाई
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गरीब अमीर के फरक मिटावs
हँस के हँसा के पेट फूलावs
ना लेके अइल ना लेके जइबs
मदत कर आ इज्ज़त पावs।
हँस के हँसा के पेट फूलावs
ना लेके अइल ना लेके जइबs
मदत कर आ इज्ज़त पावs।
अनका के जे खुश रखबs भाई
तहरो अनघा खुशी मिल जाई
जे इजते जोगावत रह गइलें
उ कुछ ना कइलें हमर भाई।
तहरो अनघा खुशी मिल जाई
जे इजते जोगावत रह गइलें
उ कुछ ना कइलें हमर भाई।
जे जोरत रह गइल पाई पाई
ना सुख पाई उ सरगो में जाई
मुअलो पर ना मिले इज्ज़त
कतनो नीक करीं गरिये भेंटाई।
ना सुख पाई उ सरगो में जाई
मुअलो पर ना मिले इज्ज़त
कतनो नीक करीं गरिये भेंटाई।
लोग का कही, सोचs जनी भाई
करम करीं नीक, मान बढ़ाई
गणपति के बात मानी सभे
खुब हँसी आ सभके हँसाई।
करम करीं नीक, मान बढ़ाई
गणपति के बात मानी सभे
खुब हँसी आ सभके हँसाई।
गणपति सिंह
छपरा बिहार
छपरा बिहार

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