कवयित्री -रश्मि अग्निहोत्री
शीर्षक - बालश्रम
राज्य - छत्तीसगढ़
सम्पर्क - 7415761335
कोहरे से भरी सड़क
आवागमन बेधड़क,
अपनो में मस्त
आवाजाही गस्त।
नज़र अचानक पड़ी
देखा धड़क कर घड़ी।
फिर नज़र ,उस पर पड़ी
वो तो मौन था।
जाने बच्चा कौन था?
विद्यालय जाने के समय
प्याले में चाय देता,
कलेजामुँह को निकाल देता।
मलीन मुख की क्लांत आभा
निष्प्रभ नेत्रों में प्रश्न रेखा ,
उसने सकुचाते मुझे देखा
जाने कितने स्वप्न दफ़न।
जाने कितनी ख्वाहिशों
की कब्र हो उठी मुखर
उन चंचल नेत्रों में,
कौन देगा जवाब सारे?
समाज मेरा मौन है।
जाने बच्चा कौन है?
ये मेरा समाज है।
मुझे इस पर नाज़ है।।
# रश्मिअग्निहोत्री
केशकाल जिला कोंडागांव
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