Monday, October 7, 2019

राजस्थान से कवि कुमार तनसुख की रचना- कभी सोचा कौन हो तुम

कुमार तनसुख
कभी सोचा कौन हो तुम
श्रीमाधोपुर,  राजस्थान
सम्पर्क 9351212400
         शीर्षक
*कभी सोचा कौन हो तुम*

कभी सोचा ....कोन हो तुम
हो गए निरूत्तर ....
बताओ क्यों ..? मोन हो तुम ।

6 अंजुल भर पैदा हुए
कुछ किया नहीं ओर
6 फिट के कैसे ..?
हो गए तुम
कभी सोचा...........

हजारों गुजरे नजरो के आगे
हजारों बिसराए मगर
कुछ चेहरों को कैसे.?
इतना भा गए तुम ...
कभी सोचा............

खुद को देह समझने की
कैसे भूल कर गए तुम
जलाई गई देह सोचो
जब ...मर गए तुम 
कभी सोचा कोन
हो तुम...........

बिना कुछ किए
चल रही सांस हो तुम
चल रही सृष्टि जिससे
वो विस्वास हो तुम
कभी सोचा......
       ✍✍✍ *कुमार तनसुख*

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