कवि ~शंकर गोयल
शीर्षक~कविता(सापेक्ष)
राज्य~छत्तीसगढ़
संपर्क~7000484610
Shankar.pithora@gmail.com
@goyalshankar
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कविता (सापेक्ष)
रावण ,प्रतीक है ,
बुराइयों का,
प्रतीक बुराई का ,
जला दिया जाता है।
विजयादशमी को मान लिया जाता है ,
बुराई पर सच्चाई की जीत।।
- सापेक्ष -
रावण प्रतीक क्यों नहीं बनता ?
भ्रष्टाचार ,भ्रष्ट -आचार, विचार,
व कमजोरियों का,
रावण जानकर ,मानकर,
क्यों नहीं जलाया जाता,
भ्रष्टाचारियों के पुतले को।
आएगा, होगा, एक दिन,
होगा ऐसा जरूर ,
और समाज की ,
बुराइयां हो जाएंगी दूर।।
शंकर गोयल
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