नाम_ संतोष श्रीवास्तव सम
राज्य _ छत्तीसगढ
शीर्षक _ एक दिया
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पापा जब दीया लाने, बाजार को तुम जाना,
एक दीया मेरे भैया के,
नाम का लेते आना।
भैया गये थे सीमा पर,
दुश्मन को मार भगाया,
उनने रणभूमि पर ऱण मे,
अपना प़ाण गंवाया।
हुए शहीद देश हित मे,
दुनिया को इसे बताना।
एक दीया मेरे भैया के,
नाम का लेते आना।
मां दुख से भारी थी,
भैया वापिस आये थे नहीं,
फूट फूट कर रोई थी,
ढूंढ रहीं नजरें थीं कहीं।
जहां दीये लाखों दिखेंगे,
चुन एक अलग करवा देना,
एक दीया मेरे भैया के,
नाम का लेते आना।
कैसे भाभी बिलख पड़ी थी,
चूड़ी सारी टूटी थी,
सदा सुहागन स्वप्न संजोया,
किश्मत उनकी रूठी थी।
आज दीवाली पर भाभी तुम,
दीये को अंग लगाना।
एक दीया मेरे भैया के,
नाम का लेते आना।
___ संतोष श्रीवास्तव सम
बरदेभाटा, कांकेर,
जिला _ छत्तीसगढ ४९४३३४
मोबाइल ९९९३८१९४२९.

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