Thursday, October 24, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि कन्हैया साहू 'अमित' की रचना- दोहा छंद


कवि-कन्हैया साहू 'अमित'
राज्य-छत्तीसगढ़
विधा-दोहा छंद
संपर्क-9200252055


शुभकर यह शुभकामना, देता अमित सहर्ष।
स्वच्छ स्वस्थ जगमग रहे, अपना भारतवर्ष।-1
वर्ष 'शरद' को दे गया, खुशियों की सौगात।
दीपों की दीपावली, देती तम को मात।-2
मात तिमिर को दे सदा, हर्षित होता दीप।
यूँ मोती बनता अमित, मिटकर नन्हा सीप।-3
सीप कहे सुनिए सभी, परहित करिये काज।
तेल सहित बाती जले, दीपक पर सब नाज।-4
नाज करें जनगण अमित, गर सबको लें जोड़।
राजमहल की लालसा, मत कुटीर को छोड़।-5
छोड़ व्यर्थ बातें अभी, करो नहीं संदेह।
खुशियों का अवसर यही, अमित लुटाओ स्नेह।-6
स्नेह संपदा साथ जब, बनती बिगड़ी बात।
अभिनंदन 'श्री' आपका, स्याह अमावस रात।-7
रात रमा आराधना, इस दीवाली पर्व।
अंतर का जब तम मिटे, तभी स्वयं पर गर्व।-8
गर्व अमित होगा अगर, रखें स्वच्छता साथ।
खूब पटाखा फोड़िए, झाडू भी रख हाथ।-9
हाथ भलाई में उठे, फिर क्यों हो संघर्ष।
हृदय द्वार को खोलिए, स्वागत करें सहर्ष।-10
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*कन्हैया साहू "अमित"*

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