रचनाकार - संतोष कुमार दीवान
राज्य- बिहार
संपर्क
शीर्षक-तेरी याद में
राज्य- बिहार
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शीर्षक-तेरी याद में
कुछ दिए जलाए थे हमने भी तेरी याद में,
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।
महावर भरी पांव में पायल और मेहंदी हाथ में,
जब आई थी पहली बार तेरे घर तेरे साथ में।
जब आई थी पहली बार तेरे घर तेरे साथ में।
तो बहुत रोई थी उनसे बिछड़ने के जज्बात में,
आज फिर उतनी रोई हूं अपने इस हालात में।
आज फिर उतनी रोई हूं अपने इस हालात में।
आज कोई नहीं है मेरा यहां मेरे अपने साथ में,
रह गई कुछ यादें और कुछ तस्वीरें मेरे हाथ में।
रह गई कुछ यादें और कुछ तस्वीरें मेरे हाथ में।
यह हमारी पहली दिवाली थी,
खामोशी से गुजरी बग़ैर उनके साथ में
सोच कर मुस्कुराई कि फिर मिल ही लेंगे उनसे बाद में।
खामोशी से गुजरी बग़ैर उनके साथ में
सोच कर मुस्कुराई कि फिर मिल ही लेंगे उनसे बाद में।
कुछ दिए जलाए थे हमने भी तेरी याद में,
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।।
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।।

Good job sir jee
ReplyDeleteThank you sir jee
DeleteExcellent sir jee
ReplyDeleteThank you sir jee
DeleteCool
ReplyDeleteतूने दीये जलाए उनकी याद में
ReplyDeleteतू तड़पता रहा उनकी तलाश में
वो तड़पती रही तुम्हारी याद में
उन्हें भी कहां शुकुन है तेरे बिन
वो निगाहें विचाये बैठी रह गई तेरी याद में।
बहुत बहुत धन्यवाद
DeleteAweaome
ReplyDeleteJhakkas
ReplyDeleteJio sher
ReplyDeleteThank you so much
DeleteAwesome
ReplyDeletevery nice boss
ReplyDeleteThank you
DeleteMast
ReplyDeleteThank you
DeleteThank you
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteहैल्लो संतोष जी क्या बात है भाई जी
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