Tuesday, October 29, 2019

बिहार से कवि संतोष कुमार की रचना- तेरी याद में


रचनाकार - संतोष कुमार दीवान
राज्य- बिहार
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शीर्षक-तेरी याद में
कुछ दिए जलाए थे हमने भी तेरी याद में,
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।
महावर भरी पांव में पायल और मेहंदी हाथ में,
जब आई थी पहली बार तेरे घर तेरे साथ में।
तो बहुत रोई थी उनसे बिछड़ने के जज्बात में,
आज फिर उतनी रोई हूं अपने इस हालात में।
आज कोई नहीं है मेरा यहां मेरे अपने साथ में,
रह गई कुछ यादें और कुछ तस्वीरें मेरे हाथ में।
यह हमारी पहली दिवाली थी,
खामोशी से गुजरी बग़ैर उनके साथ में
सोच कर मुस्कुराई कि फिर मिल ही लेंगे उनसे बाद में।
कुछ दिए जलाए थे हमने भी तेरी याद में,
कुछ जलते रहे कुछ बुझ गए आधी रात में।।

19 comments:

  1. तूने दीये जलाए उनकी याद में
    तू तड़पता रहा उनकी तलाश में
    वो तड़पती रही तुम्हारी याद में
    उन्हें भी कहां शुकुन है तेरे बिन
    वो निगाहें विचाये बैठी रह गई तेरी याद में।

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  2. हैल्लो संतोष जी क्या बात है भाई जी

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