कवयित्री- कंचन प्रभा
राज्य-(दरभंगा)बिहार
शीर्षक-भैया दूज
सम्पर्क-7903092818
राज्य-(दरभंगा)बिहार
शीर्षक-भैया दूज
सम्पर्क-7903092818
*भैया दूज*
रिश्ता है अनोखा जग में
है महान त्यौहार ये सब में
है महान त्यौहार ये सब में
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक
आओ जलाए जीवन दीप
आओ जलाए जीवन दीप
भाई के लम्बी उम्र की कामना
करते बुरी बला से सामना
करते बुरी बला से सामना
बहना जब आशीष है देती
कसम अपने रक्षा की लेती
कसम अपने रक्षा की लेती
साल मे आता है दो बार
बहन भाई का जिसमे प्यार
बहन भाई का जिसमे प्यार
पहले को राखी कहते है
प्रेम का अटूट बंधन बंधते है
प्रेम का अटूट बंधन बंधते है
दूजे का भैया दूज है नाम
इसके आगे फीके रिश्ते तमाम
इसके आगे फीके रिश्ते तमाम
इस दिन बजड़ी कुटे बहना
भाई बहन का क्या है कहना
भाई बहन का क्या है कहना
आरती उतारे चंदन रोली
पहनाती प्रेम की मौली
पहनाती प्रेम की मौली
भैया देते तोहफे आशीर्वाद
घर बार बहना का रहे आबाद
घर बार बहना का रहे आबाद
*कंचन प्रभा*
*दरभंगा बिहार*
*दरभंगा बिहार*

Nice line..... Fantastic....
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ReplyDeleteSuperb
ReplyDeleteLovely
ReplyDeleteRajnee jha.
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Super
ReplyDeleteLovely
ReplyDeletebeautiful lines
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