कवि-अनिलशुक्ल
शीर्षक-उपकार
सम्पर्क-7828501850
स्थान-जगदलपुर छतीसगढ़
शीर्षक-उपकार
सम्पर्क-7828501850
स्थान-जगदलपुर छतीसगढ़
कर तू मातृभूमि पर उपकार
देश के लिये खून बहा।
अब तक शांतिदूत बन बहुत
सहा।
कर उपकार मातृभाषा पर
मातृभाषा बोल उसे बढ़ा
मां भारती के चरणों मे शब्द
सुमन चढ़ा।
कर उपकार देश से भ्रष्टाचार
मिटा।
काला बाजारी ,मिलावट महंगाई दूर हटा।
कर उपकार देश पर स्वदेशी
अपना।
देश का माल देश मे बिके देश
में ही हो नोट अपना पूरा कर
जनमानस का सपना।
कर उपकार साहित्य पर रोज
सार्थक पथप्रदर्शक लेख लिख।
कह अनिलशुक्ल शुक्ल साहित्य से दे युवा को सीख।
देश के लिये खून बहा।
अब तक शांतिदूत बन बहुत
सहा।
कर उपकार मातृभाषा पर
मातृभाषा बोल उसे बढ़ा
मां भारती के चरणों मे शब्द
सुमन चढ़ा।
कर उपकार देश से भ्रष्टाचार
मिटा।
काला बाजारी ,मिलावट महंगाई दूर हटा।
कर उपकार देश पर स्वदेशी
अपना।
देश का माल देश मे बिके देश
में ही हो नोट अपना पूरा कर
जनमानस का सपना।
कर उपकार साहित्य पर रोज
सार्थक पथप्रदर्शक लेख लिख।
कह अनिलशुक्ल शुक्ल साहित्य से दे युवा को सीख।

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