नाम:अमलेन्दु शुक्ल
राज्य:उत्तर प्रदेश
विषय:गांधीजी
विधा:कविता
मो०न० 9453077458
सादर नमन
विषय:गाँधी जी
केवल व्यक्ति नहीं हैं गाँधी, गाँधी एक विचार हैं।
सत्य, स्नेह, कर्तव्यनिष्ठा का निश्चित एक प्रकार हैं।
साधारण से सर्वोत्तम का एक उदाहरण अनुपम हैं।
सुख मिले सकल जनमानस को,गांधी वह व्यवहार हैं।
केवल व्यक्ति नहीं हैं गाँधी, गाँधी एक विचार हैं।
क्षेत्र नहीं कोई था ऐसा,जो रहा अछूता गाँधी से।
ताकत ऐसी कोई न थी,जो लड़ सके भयंकर आँधी से।
बनकर पर्याय अहिंसा का,सभी शक्तियां बौनी कर दीं।
जिसके समक्ष कोई न टिका, गाँधी वह प्रहार हैं।
केवल व्यक्ति नहीं हैं गाँधी, गाँधी एक विचार हैं।
नहीं थे हिन्दू,नहीं थे मुस्लिम, भेद मिटाया दोनों का।
जूझ रहे जो कष्टों से थे,कष्ट मिटाया उन दीनों का।
इस समाज की बीमारी,जो लाइलाज है वर्षों से।
उस असाध्य बीमारी का,गाँधी एक उपचार हैं।
केवल व्यक्ति नहीं हैं गाँधी, गाँधी एक विचार हैं।।
अमलेन्दु शुक्ल
सिद्धार्थनगर उ०प्र०
No comments:
Post a Comment