Monday, September 16, 2019

ओडिशा (झारसुगुड़ा ) से कवयित्री सावित्री मिश्रा की रचना- माँ की ममता

कवयित्री -सावित्री मिश्रा
शीर्षक -माँ की ममता
सम्पर्क -
राज्य -ओडिशा (झारसुगुड़ा )
,
माँ की ममतापर कुछ लिखने से पहले सादर नमन
मेरी माँ की ममता को क्योंकि आज मेरा नाम मेरी पहचान मेरा वजूद माँ की वजह से ही  है ।__________________________________"_______
                   माँ की ममता
माँ की ममता ईश्वर का अनमोल वरदान है
इस ममता के आँचल मे बसता भगवान है
माँ की ममता से ही जग मे मेरी पहचान है
माँ के ममता की छाँव मे ही बसती जान है
जब जब टूटी और टूट कर बिखर गई मैं
ममता के आँचल की छाँव से फिर सँवर गई मैं
माँ की ममता में ही मेरा साहस मेरा सम्मान
माँ की ममता मेरी ताकत मेरी पूँजी और पहचान
मेरी शोहरत मेरा रुतबा और मेरा मान सम्मान
माँ की ममता का है जीवन में अनमोल वरदान
सारे रिश्ते  नाते हैं माँ की ममता के दम से
सारे आँसू पी कर हिममत पाई उसकी ममता से
सारे घर के दिल की धडकन है मेरी माँ
सारे घर की मुसकान और शान है मेरी माँ
शायद रब ने देकर भेजा फल ये अच्छे कर्मो  का
उसकी रहमत उसकी निअमत उसका वरदान है माँ की ममता
सावित्री मिश्रा
झारसुगुड़ा ओडिशा

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