नाम रचनाकार-पवन गौतम बृजराही बमूलिया।
राज्य-राजस्थान।
सम्पर्क-9116488506
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कविता
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(शिक्षक एवं चिकित्सक का फर्ज )
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(सभी कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक व
चिकित्सक साहबान से क्षमा
माँगते हुए)
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मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।
बड़ी मन्नतों से मिलती है,ऐसी सर्विस प्यारी .......
मत कर फर्ज से गद्दारी।मत कर कर्म से मक्कारी।
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शाला के बच्चों को गुरुवर मन से खूब पढ़ाना।
अपने बच्चों के जैसे ही उनको गले लगाना।
ये नन्हे मुन्ने बालक गुरुवर है भविष्य हमारे।
इन गरीब मासूमों से पलते परिवार तुम्हारे।।
करना शिक्षक बनकर ऐसा हो जयकार तुम्हारी...
मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।।
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शिक्षक और चिकित्सक का है फर्ज जरा सा दूजा।
सब तो पेट भराऊ धन्धे ये है प्रभु की पूजा।।
एक फर्ज जीवन को बनाता दूजा जीवन बचाए।
जब करते मानवता सेवा तब भगवान कहाए।।
जैसी करनी वैसी भरनी प्रतिध्वनि दुनिया सारी.......
मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।।
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विद्या दान की बात दूर हा! मनमानी कर जाते।
और चिकित्सक की छोड़ो गुर्दे तक बेचे जाते।।
शिक्षक और चिकित्सक दोनो राष्ट्र निर्माण कराते।
दोनो की जन जन सेवा से पथ प्रशस्त हो जाते।।
शिक्षा और चिकित्सा में हो ना अब लाचारी......
मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।।
बड़ी मन्नतों से मिलती है ऐसी सर्विस प्यारी.........
मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।।
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यहाँ करोगे वहाँ भरोगे, हो आगे की तैयारी.....
मत कर फर्ज से गद्दारी मत कर कर्म से मक्कारी।।
(प्रकाशित)
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रचनाकार का नाम -
कवि पवन गौतम #बमूलिया
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