कवि का नाम संजय जैन
राज्य महाराष्ट्र
मोब.न.9987699021
विधा कविता
शीर्षक *मेरा क्या हुआ है*
काम काम के चक्कर में
जीवन की खुशियां बिखर गई।
जिसको अपना माना था
उसने ही धोखा दे डाला।
अब न घर, ऑफिस का रहा में।
अब धोबी का कुत्ता बन बैठा।।
जीवन के चौराहा पर आकर,
फिर से वही खड़े हो गए।
जहां से शुरू की थी जिंदगी,
अब फिर से शुरू वही से करना है।
जो कुछ सीखा और लिया अनुभव,
सब कुछ वो बेकार हो गया।
मानो जीवन की सारी तपस्या,
फल कुछ भी हमे नही मिला।।
संजय जैन (मुम्बई)
09/09/2019
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