कवि का नाम- माधवी गणवीर
शीर्षक- कैसा फैशन
राज्य-छत्तीसगढ़
सम्पर्क-
कविता
शीर्षक- कैसा फैशन
राज्य-छत्तीसगढ़
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कविता
इश्क में भी जीत और हार निश्चित है,
फिर आशिकी का क्यों न होता इलेक्शन है।
फिर आशिकी का क्यों न होता इलेक्शन है।
दिल जीत कर जो दिलो में राज करते है,
दिल तोड़ने वालो पर क्यों न होता एक्शन है।
दिल तोड़ने वालो पर क्यों न होता एक्शन है।
दिल में बसने वालो की हर अदा है न्यारी,
फ़िक्र में भी जिक्र उनका कैसा ये कनेक्शन है।
फ़िक्र में भी जिक्र उनका कैसा ये कनेक्शन है।
चाहे रहे फिर वो कितने ही दूर,
दिल के बेहद होते करीब ऐसा ये रिलेशन है।
दिल के बेहद होते करीब ऐसा ये रिलेशन है।
ख़ुशी में छुपाये जाने कितने राज,
बेवफाई में सोचे तो,क्यों किया ऐसा सलेक्शन है।
बेवफाई में सोचे तो,क्यों किया ऐसा सलेक्शन है।
सजा तो उन्हें भी मिलनी चाहिए साहेब......
मोहब्बत के कानून तोड़ने का क्या,फैशन है।
मोहब्बत के कानून तोड़ने का क्या,फैशन है।
माधवी गणवीर
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