Monday, September 30, 2019

राजस्थान से बाबूलालशर्मा, बौहरा की रचना... साधु

कवि....बाबूलालशर्मा, बौहरा
शीर्षक... साधु
राज्य.....    राजस्थान
मो.नं. 9782924479
👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
.       🏉 *कुण्डलिया छंद* 🏉
.            🙌   *साधु*    🙌
.               ✨✨✨✨
ऐसे सच्चे  साधु जन, जैसे सूप स्वभाव।
यह तो बीती  बात है, शेष बचा पहनाव।
शेष बचा पहनाव,तिलक छापे ही खाली।
जियें विलासी ठाठ, सुनें तो बात निराली।
कहे  *लाल*  कविराय, जुटाते  भारी पैसे।
सुरा  सुन्दरी  शान, बने   स्वादू अब ऐसे।
.              ✨✨✨✨✨
टोले  साधु  सनेह जन, चेले   चेली  संग।
कार गाड़ियाँ काफिला, सुरा सुन्दरी भंग।
सुरा  सुन्दरी  भंग, विलासी भाव अनोखे।
दौलत  के  हैं  दास, ज्ञान  ये  बाँटे  चोखे।
बुरे कर्म तन *लाल*, धर्म धन के बम गोले।
नाम  कथा  सत्संग, माल ठगते  ये टोले।
.               ✨✨✨✨✨
✍©
बाबू लाल शर्मा, बौहरा
सिकंदरा,दौसा,राजस्थान
👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...