01. कवित्री का नाम -जय श्री तिवारी
02. राज्य -मध्य प्रदेश
03. शीर्षक- शक्ति
04. मोबाइल नंबर-
मां तुम केवल शक्ति हो
भक्तों के लिए भक्ति हो
समर भूमि में शक्ति हो
प्रलय काल में भक्ति हो
शव में जुड़कर शिव कहलाती हो
शिव की महिमा बढ़ाती हो
इसीलिए सभी देवों ने
शक्ति की महिमा गाई है
कालरात्रि ,मोह रात्रि ,महा रात्रि हो
तम को मिटाने वाली प्रकाशिनी हो
कितने ही नामों से तुम्हारी
वेदों ने महिमा है गाई
फिर भी तेरी अनंत शक्ति
लेखनी में कहां समा पाई
रोम रोम में प्राण फूंक दो
शक्ति का संचार करो
मा इस निर्बल पुत्री को
जग में जीने का बल दो
ऋण तेरा ना चुका पाऊंगी
मां सुन मेरी करुण पुकार
क्रंदन करता दिल बार बार
जनम जनम और युगो युगो तक
तेरी ही महिमा गाउंगी
जय श्री तिवारी खंडवा
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