Monday, September 30, 2019

छत्तीसगढ़ से सुन्दर लाल डडसेना "मधुर" की रचना - जय अम्बे माँ



कवि - सुन्दर लाल डडसेना "मधुर"
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
शीर्षक- जय अम्बे माँ
मोब.-८१०३५३५६५२
        ९६४४०३५६५२
जय अम्बे माँ जगदम्बे माँ।
जय दुर्गा जय माँ काली।
अपने बच्चों के दुःख हरने वाली।
मन वांछित फल देने वाली।
१.जगजननी माँ दुर्गा मंगल करती है।
माँ दुर्गा सबकी झोली भरती है।
माँ दुखियों की दुःख हरती है।
सजा माँ का दरबार,आई माँ शेरोंवाली।
जय अम्बे माँ.................
२.साहस का देती हैं माँ हमको वरदान।
दुःख,शोक,भय का मिटाती हैं अज्ञान।
ज्ञान,सम्मान की दात्री,माँ दुर्गा हैं महान।
सुख,शांति व समृद्धि की ज्योत जलाने वाली।
जय अम्बे माँ............
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
ग्रा.-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सराईपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोब. ८१०३५३५६५२
       ९६४४०३५६५२

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