कवियत्री का नाम-अनिता सुभाष देशमुख
शीर्षक-गुरु(शिक्षक)
राज्य-छत्तीसगढ़ (चंदना,राजिम)
संपर्क नम्बर-7697492538
कविता-
ज्ञान रहता भरपूर गुरुजन में,
मिलता जो हमें जीवन मे।
शिक्षा मिलता सद आचरण का
रहे नत इनके चरण में।
ये गुरू वो महासागर है,
भरते जो ज्ञान से गागर है।
तुम मेरे मार्गदर्शक हो,
उस रस्ते पे ही चलूँगी,
होगा नाम सारे जहाँ में
जब बनके कुछ निकलूंगी।
तेरे कृपा का गुणगान,
हर बार मै करूंगी,
तेरे दिए नसीहत को,
साथ लेकर मैं चलूँगी।
ये गुरू वो महासागर है,
भरते जो ज्ञान से गागर है।
शिक्षा के मंदिर के ,
हो तुम सबसे प्यारे मूरत,
तेरे अंदर के गुण,
जैसे भगवान की सूरत।
जब तेरे शरण मे आये,
शुद्ध विद्या हम पायें।
महान विशेषज्ञों पर,
हम नाम अपना लिख जाएं।
ये गुरू तो वो महासागर है
भरते जो ज्ञान से गागर है
..✍अनिता सुभाष देशमुख©®
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