नाम- माधवी गणवीर
शीर्षक- यादे
राज्य- छत्तीसगढ़
सम्पर्क-
शीर्षक- यादे
राज्य- छत्तीसगढ़
सम्पर्क-
रात भर जो बरसता रहा
जेहन में कोई बसता रहा।
जेहन में कोई बसता रहा।
वहम ही रहा उसके आने का
दिल दिया सा जलता रहा।
दिल दिया सा जलता रहा।
ख़्वाबो का आलम भी क्या गजब था,
भुला कोई याद आता रहा।
भुला कोई याद आता रहा।
खो जाते है यादो की गलियो में
दिन से रात भी जाता रहा।
दिन से रात भी जाता रहा।
मन डूब ही जाता उनके बातो में
देर तक यादो का कोना महकता रहा।
देर तक यादो का कोना महकता रहा।
जाने वाले लौटकर नही आते "माधवी"
यही बात अब वो बताता रहा।
माधवी गणवीर
यही बात अब वो बताता रहा।
माधवी गणवीर
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