Monday, September 23, 2019

छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- बेटी

कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
शीर्षक- बेटी
मोबाइल- ८१०३५३५६५२
             ९६४४०३५६५२
१.बेटी पिता का अभिमान है।
तो बेटी माँ का सम्मान है।
बेटी शान है,बेटी बढ़ाये मान है।
बेटी बिना अधूरा इंसान है।
२.बेटी गंगा है,यमुना है।
बेटी प्रतिभा दिखाती निर्मल धारा है।
बेटी जग को दिखाती आई दम है।
सावित्री ने यमराज को भी ललकारा है।
३.बेटी हौसलों की उड़ान है।
बेटी बिना अधूरा जहान है।
बेटी गौरव है, शौर्य गान है।
बेटी दो कुलों का सम्मान है।
४.घर आंगन महकाये बाग है बेटी।
दो कुलों को चहकाये राग है बेटी।
माँ बाप की इज्जत ईमान है बेटी।
मेरा अभिमान,मेरा सम्मान,मेरी जान है बेटी।

        सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पोस्ट-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोबाइल- ८१०३५३५६५२
             ९६४४०३५६५२

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