नाम- मिथिलेश कर शर्मा
राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक- "तिरंगा"
सम्पर्क नंबर- 9617639390
==¥==¥==¥==¥==¥==¥==
कौन सुने तिरंगे की भाषा,
और भारत स्वाभिमान की ।
आसमान भी गा रहा है ,
गीत शहीदों के सम्मान की ।
शायद हमने भूला दिया है,
ये आजादी कैसे पाई है ।
जब रक्त चढ़ा था वीरों का,
तब ये आजादी आई है ।
कैसे करें अमन की अभिलाषा,
जब फंदे पर हो धर्म ईमान की ।
आसमान भी गा रहा है ,
गीत शहीदों के सम्मान की ।
खून चढ़ा जब कुर्बानी का,
तब ये रंग हमने पाया है ।
चढ़ा दिये लाखों सर जब,
तब रंग केसरिया आया है ।
धरती की खुशहाली को हमने,
हरे रंग में अपनाया है ।
शांति की उज्ज्वलता को,
हमने धवल रंग से सजाया है ।
कैसे बढ़ें हम विकास रथ पर,
जब पहिये हों टूटे देश महान की ।
आसमान भी गा रहा है ,
गीत शहीदों के सम्मान की ।
अधिकारों को हमने याद रखा
और कर्तव्यों को हम भूल गये।
भूल गये हम उन वीरों को जो,
देश के खातिर फंदे पर झूल गये ।
कैसे करें हम विजय की आशा,
जिनको है चिंता निज संतान की ।
आसमान भी गा रहा है ,
गीत शहीदों के सम्मान की ।
मिथिलेश कर शर्मा
भाटापारा चारामा
No comments:
Post a Comment