नाम-पूनम झा
शीर्षक-उम्मीद
राज्य-बिहार
सम्पर्क-
उम्मीद
★★★★★★★★★
शीर्षक-उम्मीद
राज्य-बिहार
सम्पर्क-
उम्मीद
★★★★★★★★★
अपनी थी उम्मीद जिनसे,
उसने हमें रुला दिया।
हँसना तो दूर रहा
मुस्कुराना भी भूला दिया।
प्यार को अंजाम देना
कोई मुश्किल काम नहीं।
पर,ज़माने ने प्यार करना
मुश्किल बना दिया ।
जब मेरी अर्थी निकले
गली-गली घूमा देना।
जब उनकी गली आ जाएँ
तो सर से कफ़न हटा देना ।
क्योंकि................
क्योंकि अपनी तो
फ़ितरत है,उनको देखकर
मुस्कुरा देना।।
उसने हमें रुला दिया।
हँसना तो दूर रहा
मुस्कुराना भी भूला दिया।
प्यार को अंजाम देना
कोई मुश्किल काम नहीं।
पर,ज़माने ने प्यार करना
मुश्किल बना दिया ।
जब मेरी अर्थी निकले
गली-गली घूमा देना।
जब उनकी गली आ जाएँ
तो सर से कफ़न हटा देना ।
क्योंकि................
क्योंकि अपनी तो
फ़ितरत है,उनको देखकर
मुस्कुरा देना।।
No comments:
Post a Comment