Monday, September 30, 2019

राजस्थान के कवि गोविन्द सिंह राव की रचना- मेरी प्राण प्रिये

१ कवि - गोविन्द सिंह राव
२ शीर्षक - मेरी प्राण प्रिये ।
३ सम्पर्क - ९७७२६६३८१८
४ राज्य - राजस्थान 

   🌹मेरी प्राण प्रिये 🌹

जीवन का संगीत अधूरा ,
तुम बिन मेरा प्राण प्रिये।
जीवन का हर गीत अधूरा ,
तुम बिन मेरा प्राण प्रिये ।

तुम बिन सुर सजे ना मेरा
तुम बिन कोई राग बने ।
तुम बिन कैसे गीत बने कोई ,
बिना जगे अनुराग प्रिये ।

   जीवन का संगीत अधूरा ,
   तुम बिन मेरा प्राण प्रिये ।
  
तुम बिन कैसे गजल लिखूं,
कैसे गाऊं कविता कोई ।
जब तक ना देखू मै तुझको,
सुन्दर सा श्रंगार किये ।
   
जीवन का संगीत अधूरा ,
तुम बिन मेरा प्राण प्रिये।

तुम को ढूंढू तन्हाई में ,
मै गीतो और रुबाई में ।
न जाने क्यों तुम रूठ गई हो,
अब लौट भी आओ प्राण प्रिये।

जीवन का संगीत अधूरा ,
तुम बिन मेरा प्राण प्रिये।
जीवन का हर गीत अधूरा ,
तुम बिन मेरा प्राण प्रिये ।

          रचयिता - गोविन्द सिंह राव
                        धुम्बाडीया,जालोर
                         राजस्थान

14 comments:

  1. अनुपम कृति,बधाई आदरणीय

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  2. अतिसुन्दर कविता लिखी है आपने धन्यवाद

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  3. Through poetic medium you have written a very good poem, the above poem gives the message that all the family members are very well connected and friendly.

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