कवि..... बाबू लाल शर्मा, बौहरा
शीर्षक.. हिन्दी भाषा
राज्य... राजस्थान
मो.न. 9782924479
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
~~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
. *हिन्दी भाषा*
. (कुण्डलिया छंद)
. ✨✨✨
हिन्दी हिन्दुस्तान की, भाषा मात समान।
देवनागरी लिपि लिखें, सत साहित्य सुजान।
सत साहित्य सुजान,सभी की है अभिलाषा।
मातृभाष सम्मान , हमारी अपनी भाषा।
सजे भाल पर *लाल*, भारती माँ के बिन्दी।
भारत देश महान, बने जनभाषा हिन्दी।
. ✨✨✨
भाषा संस्कृत मात से, हिन्दी शब्द प्रकाश।
जन्म हस्तिनापुर हुआ, फैला खूब प्रभास।
फैला खूब प्रभास, उत्तरी भारत सारे।
तद्भव तत्सम शब्द, बने नवशब्द हमारे।
कहे लाल कविराय,तभी से जन अभिलाषा।
देवनागरी मान, बसे मन हिन्दी भाषा।
. ✨✨✨
भाषा शब्दों का बना, बृहद कोष अनमोल।
छंद व्याकरण के बने,व्यापक नियम सतोल।
व्यापक नियम सतोल,सही उच्चारण मिलते।
लिखें पढ़ें अरु बोल, बने अक्षर ज्यों खिलते।
कहे *लाल* कविराय, मिलेगी सच परिभाषा।
हर भाषा से श्रेष्ठ, हमारी हिन्दी भाषा।
. ✨✨✨
✍©
बाबू लाल शर्मा,बौहरा
सिकंदरा, दौसा,राजस्थान
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
Tuesday, September 10, 2019
राजस्थान से कवि बाबू लाल शर्मा, बौहरा की रचना- हिन्दी भाषा
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत
कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528 दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो काति...
No comments:
Post a Comment