१. नाम- प्रवीण चतुर्वेदी
२. शीर्षक- तेरी मेरी कहानी
३. सम्पर्क- 9977362646
४. स्थान - खरसिया
५. राज्य- छत्तीसगढ़
तेरी मेरी कहानी
मैं अनजान तेरे लिये, तू मेरे लिये अनजानी,
एक जैसी मगर लगती है, तेरी मेरी कहानी।
लगता है हम दोनों की ये, पहचान है पुरानी,
सूरत तेरी लगती है, मुझे क्यों जानी पहचानी।
संग तेरे क्यों लगती है, हर एक शाम सुहानी,
ना हो अगर संग मेरे तो, छा जाती है वीरानी।
चंद रोज की ये मुलाकात, लगती वर्षों पुरानी,
जीवन में मेरे आकर तू, सँवार मेरी जिंदगानी।
तेरे आ जाने से ही तो, दूर हुई मेरी परेशानी,
क्यों हो रहा ऐसा, यही सोचकर होती हैरानी।
मैं बन जाऊँ दीवाना तेरा, तू बन जाये दीवानी,
आ लिखें दोनों मिलकर, एक नई प्रेम कहानी।
प्रवीण चतुर्वेदी
खरसिया (छत्तीसगढ़)
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