कवियत्री - इन्दु कुमारी
शिक्षिका
स्थान - मधुबनी बिहार
पति - भुवन झा
शीर्षक - हिंदी की महत्ता
जन जन की भाषा है हिन्दी
भारत की आशा है हिंदी,,,
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है
वो मजबूत धागा है हिंदी,,,,
हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी
एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी,,,,,,,,
जिसके बिना हिंद थम जाएं
एसी जीवनरेखा है हिंदी,,,
जिसने काल को जीत लिया है
एसी कालजयी भाषा है हिन्दी
सरल शब्दों में कहा जाए तो
जीवन की परिभाषा है हिंदी
,,,।
इन्दु कुमारी
Nice poem ,aap logo ke Jaise hi shikshika ki jarurat hai ho hindi ki mahta Ko Bata sake.congratulations
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