नाम स्वपन बोस
शिर्षक मौत के बाद।
मोबाइल ९३४०४३३४८१
पता जुगानी कैंप छत्तीसगढ़
कविता मौत के बाद ।
मौत के बाद क्या रह जाता है ,
तेरा कमाया जो भी है ,सब
ये ही मीला था ,ये ही रह जाता है ।
घमंड छोड़ , कुछ नेकी कर लें , दिल से जी दुनिया
में ।
पुण्य ही असली पूंजी है भर लें ।
क्या पता कब बुलावा आ जाये ये ,
सुन्दर जीवन पल में खो
जाये ।
जोड़े हैं छल बल से जो भी ,पद सम्मान धन
मौत के बाद साथ कुछ नहीं जाता है ।
जो किया लोगों की भलाई ,समाज देश के
विकास के लिए ,बस ये असली धन ही रह जाता है
जो तुम्हारे अपने है ,सब झूठे माया के सपने हैं ।
देख ज्यादा न इसमें रम जाना ।
मीला है मनुष्य जीवन का
अनमोल अवसर ,सत्य की तलाश की खातिर जीवन का कूछ पल दे देना ।
अपना अपना कर
धन धन कर जीवन को यु ही न गंवा लेना ।
मौत के बाद क्या होता है ,हम मनुष्य नहीं जान पाते हैं ।
जब मौत आती है
पास हम तब बहुत घबराते हैं ।
मौत एक बड़ी निंद है फिर कभी जाग जाना है।
जीवन तो एक चक्कर है यह कर्म फल पाने को बार बार आना है।
गीता में कृष्ण की वाणी है कर्म योग कर
जीवन के कर्म बंधन तोड़
परम सत्य को पाना है ।
मौत बड़ा झूठ है
मौत तो शरीर मन का हो सकता है ।
आत्मा तो अमर है वह मौत के बाद भी कहा मीट पाता है ।
उक्त कविता कवि की स्वयं
की विचार है ।
जुगानी कैंप छत्तीसगढ़
कवि स्वपन बोस
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