Monday, September 2, 2019

राजस्थान से कवि पवन गौतम बृजराही बमूलिया की रचना- नहीं आईना झूठ दिखाए

रचनाकार का नाम ----
पवन गौतम बृजराही बमूलिया।
मो --91164 88506

राज्य का नाम ---राजस्थान।

विधा--गीत ।
रस विन्यास --अद्भुत (दर्शन)

विषय/शीर्षक--
*नहीं आईना झूठ दिखाए ।*

*गीत*
---------------------------------
*नहीं आइना झूठ दिखाए !*
---------------------------------

युगों युगों से गीत सुने है,
दर्पण सदा सत्य  दिखलाए.....

नहीं आईना झूठ दिखाए !!

मीराँ,तुलसी और गालिब ने,
जिसके कोटिश:रूप दिखाए....

नहीं आइना झूठ दिखाए !!

मीत निहारे प्रीत पुकारे,
साँस चले अविरल निर्बाध !
मिलन विरह में देख आईना,
करतें हैं केवल संवाद !!
अल्हड़ नायक की तरुणाई,
मस्त नायिका का प्रतिवाद !!
साम्राज्ञी रम्भा सहजादी,
मुकुर करे सबका अनुवाद !!

तेरा भी दिल धड़का होगा,
कितने हुस्न समाये........

नही आइना झूठ दिखाए !!

सीसा है पौराणिक वैदिक,
दर्पण जीवन मित्र अभिन्न !
महज काँच का टुकड़ा कैसे ?,
इसके बिन श्रृंगार विपिन्न !!
चाहे इश्क़,अश्क़ हो चाहे,
चाहे रश्क़े हूरे जिन्न !!
अरे !मेनका के स्पंदन !,
ओ !ओ !पद्मावत पद चिह्न !!

तुझे देख हर्षाए उर्वशी
तू काहे शरमाए........

नहीं आईना झूठ दिखाए !!

कौन कहाँ कब किसने देखा,
नायिकाओं के आरूप !
रत्न मणि हीरे,मोती हों,
तू देता सबको प्रारूप !
तुझको कृष्ण निहारा करते ,
मात यशोदा अजिर अनूप !
राधा नें भी निरखा होगा,
महारास के अल्हड़ भूप !

मेरा ! तेरा ! सबका *गौतम*
मन दर्पण कहलाए......

नहीं आइना झूठ दिखाए !!

*पवन* राग मे जीवन *राही*
मधुर मधुर धुन गाए.......

नहीं आइना झूठ दिखाए !!

युगों युगें से गीत सुने है
दर्पण सदा सत्य दिखलाए.......

*नहीं आईना झूठ दिखाए !!*

------------------------------------
*प्रकाशित*

   पवन गौतम बृजराही बमूलिया

1 comment:

  1. वाहहहहहहहहहहहहहहहह

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...