नाम:- D Kumar--अजस्र (दुर्गेश मेघवाल)
पता:- इंद्रा कॉलोनी बून्दी राजस्थान
मोबाइल नम्बर:- 9461302199
*स्वरचित रचना*
‼ *बरखा तुम कब जाओगी*❓❓
गणपति आखिर विदा हो गए,
बरखा तुम कब जाओगी ।
अब तो हद-पार अति हो गई,
कब तक हमें सताओगी।
मानसून में रिमझिम-रिमझिम,
हमको प्यारी लगती हो ।
आषाढ़ी कृषक की, सावन में,
बहन हमारी लगती हो।
तुम्हें मनाने तुम्हें बुलाने ,
जाने कितने जतन किए ।
देर से ही तुम आई भले पर,
जलद घटाएं साथ लिए ।
धरती तुमने तृप्त ही कर दी,
भूजल लाई उबार के ।
जंगल , खेत सब हरित हुए हैं,
अब आए दिन बहार के।
ताल, तलैया ,नदी, बांध सब,
तुमने सब को पानी दिया।
धरती पर अमृत बरसा कर,
हरण सभी का दु:ख है किया।
सावन-भादो गुजर गए अब ,
कार्य तुम्हारा पूर्ण हुआ।
कोटा जल का, थल को भरकर,
आंचल अब संपूर्ण हुआ।
कमी पानी की पूरी हो गई,
अब पानी ना बरसाओ।
समय तुम्हारा पूरा हो गया,
अब अपने तुम घर जाओ।
चारों तरफ बस पानी-पानी,
जीना अब मुहाल हुआ।
मानव अब पानी से बेबस,
पानी-पानी हाल हुआ ।
घर-घर में कोहराम मचा है ,
जलप्रलय घमासान हुआ।
नदियों ने भी सीमा तोड़ी ,
रहना ना आसान हुआ ।
आशा है तुम बिनती हमारी ,
अब तो मान ही जाओगी ।
जाकर अपने घर को अब तुम,
अगले बरस फिर आओगी ।
✍✍ *D Kumar--अजस्र(दुर्गेश मेघवाल)*
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