Monday, September 16, 2019

बिहार(दरभंगा) से कवयित्री डॉ०पूनम झा की रचना- बिना पेट का बच्चा

नाम-डॉ०पूनम झा
राज्य-बिहार(दरभंगा)
शीर्षक-"बिना पेट का बच्चा"
सम्पर्क-
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     बिना पेट का बच्चा
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आज संकट हर जगह खड़ा है,
     अपना मुँह फैलाए।
कहीं खड़ा है उग्रवाद में,
कहीं हड़ताली रूप बनाएँ।
हर तरफ़ ही हाय-हाय की
रट सुनाई पड़ती हैं।
कहीं गरीबी,कहीं अमीरी,
हर जगह दिखाई पड़ती हैं।
कहीं बाढ़ है,कहीं सूखा हैं,
रोती है चारों दिशाएँ।
आज संकट हर जगह खड़ा है
  अपना मुँह फैलाए।
इसकी तो बस एक उपाय-ही
     हो पाएगा सच्चा।
घर-घर में यदि जन्म लेगा
     बिना पेट का बच्चा।
या तो असमानता को
     देश से ही निकाला जाए।
आज संकट हर जगह खड़ा है
     अपना मुँह फैलाए ।।
              डॉ० पूनम झा
         दरभंगा(बिहार)

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