Thursday, September 12, 2019

पंडरिया छत्तीसगढ़ से कवि महेन्द्र देवांगन माटी की कविता सुरता

नाम  -- महेन्द्र देवांगन माटी
शीर्षक  -- सुरता
पता -- पंडरिया छत्तीसगढ़
संपर्क- - 8602407353

लइकापन के आथे सुरता । पहिरे राहन चिरहा कुरता ।।
गुल्ली डंडा अब्बड़ खेलन । भौंरा बाँटी सबझन लेवन ।।

रेस टीप अउ छू छूवउला । घर घुँदिया अउ चुरी पकउला ।।
खो खो फुगड़ी खेल कबड्डी । लड़ई झगरा मिट्ठी खड्डी ।।

आमा अमली तेंदू खावन । सरी मँझनिया घुमेल जावन ।।
बइला गाड़ी दँउरी फाँदन । उलान बाँटी अब्बड़ खावन ।।

संझा बेरा सब सकलावन । मिल के सबझन गाना गावन ।।
कथा कहानी बबा सुनाये । किसम किसम के बात बताये ।।

अब तो संगी सबो नँदागे ।  मोबाइल मा सबो फँदागे ।।
खुसरे हावय घर के कुरिया । बइठे सबझन धुरिहा धुरिहा ।।

*महेन्द्र देवांगन माटी* ✍
*पंडरिया छत्तीसगढ़*

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