नाम - शंभु कश्यप (दादा)
शीर्षक - चली गई
राज्य - छत्तीसगढ़
सम्पर्क - 9406377737
वो महल किसी और का था
मेरा घर नहीं
जहाँ तुम सज कर चली गई...
मोहब्बत तो तुम्हारे लिए व्यापार था
सच्चा प्यार नहीं
जिधर ज्यादा माल उधर भग कर चली गई....
वो पैसा नहीं
पसीना था मेरा
जिसे तुम पैर धोकर चली गई...
पैसे की पट्टी से
तुम्हारी आंखे तो बंद थी
नाक तो नहीं
गोबर की जगह गू उठाकर चली गई..
मैने तो दिल-जान लुटाया था तुमपे
पुरी ईमानदारी से
फिर भी ठग कर चली गई...
वो मेरा दिल था दिल
कोई सुलभ-शौचालय नहीं
जो तुम हग कर चली गई....
शम्भु कश्यप (दादा)
सुकमा
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