कवियित्री का नाम- गार्गी सिंह
शीर्षक- फुहार
राज्य- महाराष्ट्र
सम्पर्क -
शीर्षक- फुहार
राज्य- महाराष्ट्र
सम्पर्क -
जिसकी तसवीर लिए फिरती थी,
आज उससे मुलाक़ात हो गई,
इक कशमकश में घिर गया मन,
पर, दिल के वीराने में बहार हो गई।
बरसात का मौसम तो न था,
पर रिमझिम-सी फुहार हो गई।
हवाओं की बात क्या कहें तुमसे,
बड़ी मनमौजी बयार हो गई।
पलटने लगी पन्ने ज़िन्दगी के जब,
राह के काँटों से तक़रार हो गई।
ज़िन्दगी भी बड़ी अजीब शय है,
कोई जीता, किसी की मात हो गई।
आज उससे मुलाक़ात हो गई,
इक कशमकश में घिर गया मन,
पर, दिल के वीराने में बहार हो गई।
बरसात का मौसम तो न था,
पर रिमझिम-सी फुहार हो गई।
हवाओं की बात क्या कहें तुमसे,
बड़ी मनमौजी बयार हो गई।
पलटने लगी पन्ने ज़िन्दगी के जब,
राह के काँटों से तक़रार हो गई।
ज़िन्दगी भी बड़ी अजीब शय है,
कोई जीता, किसी की मात हो गई।
गार्गी सिंह
Beautiful 😍❣️
ReplyDeleteKya baat hai...👌👌👌
ReplyDeleteNice one
ReplyDeletenice!
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteउम्दा!
ReplyDeleteBahut hi badhiyan
ReplyDeleteNice lines
ReplyDeleteATI uttam
ReplyDeleteआप सभी का साधुवाद
ReplyDeleteBeautiful poem
ReplyDeleteGood
ReplyDeleteThis is one of the best Hindi Poetries I've ever come across.
ReplyDelete22.28 pm
ReplyDelete👌👌Nice one🖒🖒
ReplyDeleteDeep ... keep writing. :) 👍
ReplyDeletePriyanka
Thank u everyone for your best wishes
ReplyDelete