कवयित्री -सावित्री मिश्रा
विषय -बाँसुरी
सम्पर्क-
राज्य -ओडिशा ,झारसुगुड़ा
विषय -बाँसुरी
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राज्य -ओडिशा ,झारसुगुड़ा
बाँसुरी
अनंत प्रेम माधुरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
हरो सभी के दुख हरि,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
तुम्हारे युग चरण कमल,
हमारे अश्रु अर्ध्य जल।
तुम्हें जो पाएं एक पल,
जन्म की साध हो सफल।
भरो हृदय की प्रेम गागरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
तुम्हीं धरा तुम्हीं गगन,
तुम्हीं हो जल अनल पवन।
तुम्हीं को ढूँढते नयन,
कहाँ छुपे हो प्राण घन।
झलक दिखाओ रे सांवरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
अनंत प्रेम माधुरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
हरो सभी के दुख हरि,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
तुम्हारे युग चरण कमल,
हमारे अश्रु अर्ध्य जल।
तुम्हें जो पाएं एक पल,
जन्म की साध हो सफल।
भरो हृदय की प्रेम गागरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
तुम्हीं धरा तुम्हीं गगन,
तुम्हीं हो जल अनल पवन।
तुम्हीं को ढूँढते नयन,
कहाँ छुपे हो प्राण घन।
झलक दिखाओ रे सांवरी,
बजाओ श्याम बाँसुरी।
सावित्री मिश्रा
झारसुगुड़ा ,ओडिशा
झारसुगुड़ा ,ओडिशा
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