कवियत्री-अनिता सुभाष देशमुख
विषय- दुर्गा दाई
राज्य-छत्तीसगढ़
मोबाइल नम्बर- 7697492538
करत हव बिनती मैहा दाई,
सुनले मोर गोहार ओ।
दुख पीरा ल हरके दाई,
करदे तै उदधार ओ।
ए मोर दाई गाँवत हव
सेवा ल मै तोर,
जिनगी ल मोर दाई ,
आके तै कर दे अंजोर।
तिही चंडी .. तिही बंजारी ,
तिही महामाई ओ
तिही हस चंद्रहासिनी दाई
तिही जतमाई ओ।
तिही दंतेश्वरी दाई
तिही दाई शीतला ओ,
तिही हरस बम्बलेश्वरी दाई,
हरथस सबके दुखला ओ।
रुख राई के पहाड़ी दाई,
हावे तोर डेरा ओ,
दरस बर तोर तरसत हव दाई
कब आही ओ बेरा ओ।
आथे जब भी तोर भगत म,
कोनो बिपदा भारी ओ
आथस तै संहार करय बर,
करके बघवा के सवारी ओ।
करत हव दाई मैहा अगोरा,
आजा लेके कल्कि अवतार ओ।
करत हँव बिनती मैहा दाई,
सुनले मोर गोहार ओ।
...✍अनिता सुभाष देशमुख
चंदना,राजिम
13/09/2019
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