Friday, September 13, 2019

छत्तीसगढ़ से कवयित्री रश्मिअग्निहोत्री की रचना- हिंदी भाषा

कवियत्री- रश्मिअग्निहोत्री
शीर्षक - हिंदी भाषा
राज्य - छत्तीसगढ़
सम्पर्क -
हिन्दी हिन्द की भाषा,
विश्व व्याप्त चर्चित प्रसिद्ध।
भारत रहे सदैव प्रयासरत,
बनाये इसे विश्व भाषा।।
हिंदी -भारती सारथी,
चलता रहे रश्मि -रथी।
छोड़े छाप वहाँ अपनी जहाँ
वायु बनी हो दीवानी।।
हिन्दी भारत की बिन्दी,
दमकता रहे ललाट इसका।
आओ भारतवासी आओ,
ढूँढें विश्वकोश खंगालें।।
सृजन-कृति कवित्व न छोड़े,
दौड़ाते रहे राष्ट्रभाषा के घोड़े
समृद्ध बने व्याकरण इसका
सावधान रहे कलम-सिपाही।।
निज भाषा, निज मान रहे,
विश्वव्यापी सम्मान रहे।
न छूटे विरासत अपनी,
निज भाषा अभिमान रहे।।
हर दिशा भाषा ज्ञान रहे,
निजता का स्वाभिमान रहे।
जोर रहे अच्छा खासा,
जय हिन्द जय हिन्द भाषा।।
रश्मि अग्निहोत्री
केशकाल ,जिला कोंडागांव

1 comment:

  1. बहुत खुबसूरती से आपने हमारी हिन्दी भाषा की महिमा का बखान किया...आपको सरहृदय आभार रश्मि जी💖💖💖🎉

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...