नाम- डॉ अलका कुमारी
राज्य- झारखंड (रांची)
शीर्षक- माँ
सम्पर्क-
राज्य- झारखंड (रांची)
शीर्षक- माँ
सम्पर्क-
माँ
माँ हमारी सबसे प्यारी,
सारे जग से है वो न्यारी,
हमे सदा वो प्यार है करती।
ममता की बाउछर वो करती
सारे जग से है वो न्यारी,
हमे सदा वो प्यार है करती।
ममता की बाउछर वो करती
सूरज के किरणो के जैसी
चाँद की शीतलता जैसी,
फूलो की खुशबू भरी,
ममतमयी आँचल बिखेरती,
माँ हमारी सबसे प्यारी,
सारे जग से है वो न्यारी।
चाँद की शीतलता जैसी,
फूलो की खुशबू भरी,
ममतमयी आँचल बिखेरती,
माँ हमारी सबसे प्यारी,
सारे जग से है वो न्यारी।
सही पगडंडी सही राह,
सही दिशाये, सही राह,
कभी कठोर तो कभी मोम,
दुनिया मे है वो सबसे अनमोल।
माँ हमारी सबसे प्यारी
सारे जग से है वो न्यारी।
सही दिशाये, सही राह,
कभी कठोर तो कभी मोम,
दुनिया मे है वो सबसे अनमोल।
माँ हमारी सबसे प्यारी
सारे जग से है वो न्यारी।
हमे प्यारा सा बंधन है बाँधना
स्नेह रूपी संगम है निभाना
रिश्ता मजबूत इस स्नेह का
सदियो से सदियों तक है अटूट बनाना।
स्नेह रूपी संगम है निभाना
रिश्ता मजबूत इस स्नेह का
सदियो से सदियों तक है अटूट बनाना।
✍✍डॉ अलका कुमारी✍✍
Cute poem
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