Tuesday, September 24, 2019

महाराष्ट्रा से कवि संजय जैन की रचना- मुक्ति का मार्ग

नाम : संजय जैन (मुम्बई)
मो.9987699021
राज्य : महाराष्ट्रा
शीर्षक *मुक्ति का मार्ग*
विधा : गीत

सर्व धर्म के श्रावक सुन लो,
गुरु विद्यासागर जी की एक बात।
सत्य अहिंसा से बढ़कर कुछ नही होता है धर्म ।।

जो भी श्रावक धारण करते,
सत्य अहिंसा के पथ को।
मोक्ष का मार्ग उन्हें दिखता,
इस पथ पर चलते हुये।
सत्य अहिंसा से बढ़कर,
और कोई धर्म नही।
सुन लो सर्वधर्म के श्रावक,
मुक्ति मिलेगी इस पथ से ही।।

चारो दिशाओं में घूमकर देखो।
जीवन का अर्थ समझ आएगा।
क्या खोया और क्या पाया,
तुमको समझ आ जायेगा।
सदा भाव तुम शुध्द रखो
मुक्ति का पथ दिख जाएगा।
मानव जन्म ये तेरा
मानो सफल हो जाएगा।।

धारण करते तपस्वी जीवन,
खुद के आत्म कल्याण को।
जिओ और जीने दो की, परिभाषा समझाते है
दुनियां को।
सर्व धर्म के मार्ग पर चल कर,
सार्थक मृत्यु को पायेगा।।
और अहिंसा परमोधर्मा का संदेश,
दुनियां में छोड़ जाएगा।।

जय जिनेन्द्र देव की
संजय जैन (मुम्बई)
24/09/2019

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